शब्दार्थ
खाऊँ
khaaun
hiverb
अर्थ
खाऊँ, भुगतूँ या शिकार होऊँ (धोखा खाना)।
विस्तार
इस शे'र में 'खाऊँ' मुहावरे 'फ़रेब खाना' (धोखा खाना या झाँसे में आना) के हिस्से के रूप में प्रयुक्त हुआ है। आशिक़ कहता है कि दीवाना होने के बावजूद वह दोस्त के इस ज़ाहिर फ़रेब का शिकार क्यों बने। व्याकरण की दृष्टि से यह क्रिया 'खाना' का उत्तम पुरुष, एकवचन संभाव्य रूप है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit खादति (khādati, 'to eat, chew, consume').
प्रयोग
In classical ghazal, 'खाना' often pairs metaphorically with emotional burdens—such as 'ग़म खाना' (to grieve), 'ज़ख़्म खाना' (to take a wound), or 'फ़रेब खाना' (to be duped).
उदाहरण
क्यूँ दोस्त का खाऊँ फ़रेब
ग़म-ए-यार अब और न खाऊँ
समानार्थी
सूँभुगतूँझेलूँ
संबंधित शब्द
खानाफ़रेबखिलाना
