शब्दार्थ
खोई
khoi
hiverb
अर्थ
गँवाई, नष्ट की, प्राण त्याग दिए।
विस्तार
इस शे'र में 'खोई' का प्रयोग 'जान खोई' के रूप में हुआ है, जिसका अर्थ बेबसी की हालत में प्राण न्यौछावर करना या जीवन गँवाना है। यह महफ़िल में प्रेमी के मौन बलिदान और एकाकी बर्बादी की पीड़ा को व्यक्त करता है। शास्त्रीय शायरी में दिल या जान के मिट जाने के प्रसंग में यह आम क्रियापद है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit क्षय (kṣaya, destruction/loss) -> Prakrit खोवइ (khovai) -> Hindustani खोना (khona).
प्रयोग
Commonly paired with 'dil' (heart) or 'jaan' (life) in ghazals to express irreversible emotional or physical sacrifice.
उदाहरण
दिल खोई हुई हालत में
जान खोई तिरी चाहत में
समानार्थी
गँवाईबहा दीत्यागी
संबंधित शब्द
खोनाखो जानागुमशुदगी
