शब्दार्थ
खाइयो
khaaiyo
hiverb
अर्थ
खाना; यहाँ तात्पर्य छलावा या धोखा न खाने से है।
विस्तार
'खाइयो' क्रिया 'खाना' का प्राचीन अथवा शास्त्रीय आज्ञार्थक रूप है, जो आधुनिक बोलचाल में 'खाइएगा' या 'खाना' के समकक्ष है। प्रस्तुत शेर में 'फ़रेब' और निषेधार्थक 'मत' के साथ मिलकर यह 'फ़रेब खाना' (धोखे में आना) का मुहावरा बनाता है। यहाँ शायर संसार के अस्तित्व रूपी छलावे में न फँसने की हिदायत देता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'khādati' (to chew, eat) > Prakrit 'khāai' > Old Hindustani 'khāiyo' (classical imperative).
प्रयोग
The verbal ending '-iyo' is an archaic or dialectal imperative marker common in classical ghazal for its rhythmic and metrical convenience.
उदाहरण
मत खाइयो फ़रेब ज़माने के अहद का
ज़ख़्म-ए-जिगर तू शौक से खाइयो मुदाम
समानार्थी
खानाचखनाझेलना
संबंधित शब्द
खानाफ़रेबधोखानिगलना
