शब्दार्थ
खोइए
khoiye
hiverb
अर्थ
गँवाना, खोना या व्यर्थ नष्ट करना।
विस्तार
'खोइए' क्रिया 'खोना' का आदरार्थक अथवा संभावनार्थक रूप है, जिसका अर्थ गँवाना या व्यर्थ नष्ट करना है। प्रस्तुत शेर में यह वक़्त ज़ाया करने के संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ कवि कहता है कि यदि इबादत में दिली खुलूस न हो तो ऐसा सजदा केवल वक़्त की बर्बादी है। शास्त्रीय शायरी में यह रूप उपदेश या सामान्य आचरण को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Old Indo-Aryan / Sanskrit kṣapayati (causes to diminish/destroy) via Prakrit khovaï / khāvaï into Old Hindi/Urdu khonā.
प्रयोग
In classical ghazal, it frequently occurs in reflections on wasting life, senses (hosh), or surrendering the heart (dil) in love.
उदाहरण
यूँ नाहक़ वक़्त न खोइए।
सुकून-ए-दिल को इस तरह क्यों खोइए?
समानार्थी
गँवाइएज़ाया कीजिएबरबाद कीजिए
संबंधित शब्द
खोनाखोयाखो बैठना
