शब्दार्थ
कसरत-आराइ
kasrat-ārā'ī
hinoun, feminine compound
अर्थ
एकेश्वरत्व में अनेकता का प्रदर्शन या बहुलता का विस्तार।
विस्तार
सूफ़ी दर्शन और शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'कसरत-आराई' का अर्थ अद्वैत या एकता (वहदत) से अनेकता का प्रकटीकरण और उसका अलंकरण है। इस शे'र में शायर का आशय यह है कि एक ही परम सत्य में अनेक रूपों का विस्तार देखना केवल भ्रम की पूजा करना है। यह सांसारिक और मानसिक विभेद साधक को भटकाकर ख़याली बुतों का पुजारी बना देते हैं।
व्युत्पत्ति
Arabic 'kasrat' (multiplicity, abundance) + Persian 'ārā'ī' (adorning, embellishing, from ārāstan).
प्रयोग
Used in philosophical and mystical ghazals to contrast the illusory multiplicity of the created world with divine oneness.
उदाहरण
कसरत-आराई-ए-आलम में गुम हो जाना
वहदत के पर्दे में कसरत-आराई का तमाशा
समानार्थी
कसरत-पसंदीतअद्दुद-नुमाईकसरत-निगारी
संबंधित शब्द
वहदतकसरतवहदत-उल-वजूदतजल्ली
