शब्दार्थ

कसी

kisī

hipronoun

अर्थ

कोई व्यक्ति या किसी (अनिश्चयवाचक सर्वनाम का तिर्यक रूप)।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू और पुरानी हिंदी शायरी में 'कसी' वस्तुतः 'किसी' का ही रूप है, जो अनिश्चयवाचक सर्वनाम 'कोई' का तिर्यक रूप है। इस शे'र में यह 'से' परसर्ग के साथ आकर यह भाव व्यक्त करता है कि जनाज़े के साथ कोई भी नहीं गया और लाश बिल्कुल अकेली ही क़ब्र तक पहुँची।

व्युत्पत्ति

Sanskrit कस्य (kasya) via Prakrit कस्स (kassa).

प्रयोग

Commonly employed in the ghazal tradition to heighten themes of loneliness, neglect, or universal indifference.

उदाहरण

न किसी की आँख का नूर हूँ

कसी से कुछ न कहा दर्द-ए-दिल के आलम में

समानार्थी

किसीकोईशख़्स

संबंधित शब्द

किसकिसेकुछ
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