शब्दार्थ

कसे

kase

hiverb

अर्थ

कसता है, बाँधता है या चलने के लिए तैयार करता है।

विस्तार

यह पुरानी या शास्त्रीय उर्दू की वर्तमानकालिक क्रिया है, जिसका अर्थ 'कसता है' या 'सज्जित करता है' है। इस शेर में यह कली के सिमटने और ऊँट पर काठी कसने के रूपक के लिए प्रयुक्त हुआ है, जो दुनिया से कूच करने की तैयारी को दर्शाता है। यह संसार की नश्वरता और निरंतर प्रस्थान की अवस्था का प्रतीक है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit कष् (kaṣ) / Prakrit कसइ (kasaï), giving Hindi-Urdu कसना (kasnā) with the classical present-tense marker '-e hai'.

प्रयोग

In classical ghazal diction, verbs often use the archaic indicative suffix '-e hai' instead of the modern auxiliary construction '-tā hai'.

उदाहरण

कसे है कूच का सामान हर दम

कसे है कमर उस की राह-ए-तलब में

समानार्थी

बाँधतासज्जित करतातैयार करता

संबंधित शब्द

कसनाकसावकसी
← शब्दकोश पर वापस