शब्दार्थ
कसू
kasu
hipronoun
अर्थ
किसी; 'कोई' का प्राचीन तिर्यक (oblique) रूप।
विस्तार
'कसू' पुरानी उर्दू व ब्रज मिश्रित रेख़्ता में 'किसी' के लिए प्रयुक्त होने वाला रूप है। इस शे'र में इसका अर्थ 'किसी की' (माशूक़ की) नज़र या मुखड़े से है, जो कभी इस चश्म-ए-आईना पर टिकती थी। यह शब्द अठारहवीं सदी की शास्त्रीय ग़ज़ल की पहचान है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit/Apabhramsha roots, tracing back to Sanskrit कस्य (kasya, 'whose/of whom').
प्रयोग
A characteristic feature of early classical ghazal (Rekhta) that was later replaced by the standard modern form 'kisi'.
उदाहरण
कसू से हाल-ए-दिल न कहना
कसू की दीद की हसरत
समानार्थी
किसीकोई
संबंधित शब्द
कभूकिसकौन
