शब्दार्थ
कसो
kaso
hipronoun
अर्थ
किसी, कोई व्यक्ति (पुरातन तिर्यक रूप)।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और रेख़्ता में 'कसो' अनिश्चयवाचक सर्वनाम 'कोई' का पुराना तिर्यक रूप है, जो आधुनिक भाषा में 'किसी' के समान है। इस शे'र में 'कसो से' का अर्थ 'किसी व्यक्ति से भी' है, जिसका तात्पर्य है कि आशिक़ को अब किसी से कोई शिकवा या शिकायत नहीं रही। यह रूप मीर और सौदा के युग की शायरी में विशेष रूप से प्रचलित था।
व्युत्पत्ति
Derived from Old Hindi/Braj Bhasha 'कसो/किसू', originating ultimately from Sanskrit interrogative/indefinite stems such as 'kasya'.
प्रयोग
A characteristic marker of eighteenth-century Rekhta poetry, later replaced almost entirely by 'kisi' in standard modern Urdu.
उदाहरण
कसो से दिल न लगाना
कसो पे भरोसा न रहा
समानार्थी
किसीकिसूकाहू
संबंधित शब्द
कोईकिसूकिसीकिसे
