शब्दार्थ

कलाल

kalāl

hinoun

अर्थ

शराब बेचने वाला, मदिरा-विक्रेता; कुम्हार।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'कलाल' मुख्य रूप से शराब बेचने वाले (मय-फ़रोश) के अर्थ में आता है। इस शे'र में ग़ालिब ने इसका प्रयोग दोहरे अर्थ के साथ किया है, जहाँ दूसरा अर्थ 'कुम्हार' है जो चाक (चर्ख़) पर मिट्टी के मटके (ख़ुम) गढ़ता है। शायर पछताता है कि आसमान ने उसे शराब बेचने वाला नहीं बनाया, अन्यथा वह मुफ़्त में मदिरा के मटके लुटा देता।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit 'kalyapāla' (liquor-vendor) and 'kulāla' (potter).

प्रयोग

In the ghazal tradition, 'kalal' denotes the wine-merchant, frequently evoking imagery of taverns, wine-vats, and double entendres with the potter.

उदाहरण

मय-कशों की नज़रें कलाल के पैमाने पर टिकी थीं।

चर्ख़ के फेर ने मिट्टी को कलाल के हाथों सौंपा।

समानार्थी

मय-फ़रोशआबकारकुम्हार

संबंधित शब्द

ख़ुममैख़ानाचर्ख़साक़ी
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