शब्दार्थ
कलीमुल-लाही
Kalim-ul-Lahi
hinoun
अर्थ
कलीमुल्लाह (मूसा) होने का आध्यात्मिक मर्तबा या पद।
विस्तार
यह शब्द 'कलीमुल्लाह' (हज़रत मूसा का लक़ब, जिसका अर्थ है 'ईश्वर से बात करने वाला') में फ़ारसी प्रत्यय '-ई' जोड़कर बना है, जिसका अर्थ मूसा का मक़ाम या पैग़ंबरी शान है। इक़बाल के इस शेर में इसका तात्पर्य उस उच्च आध्यात्मिक और क़ौमी रहनुमाई से है जिसकी तम्हीद (तैयारी) गड़रिये के विनम्र जीवन (शबानी) से शुरू होती है।
व्युत्पत्ति
Arabic compound 'Kalīmullāh' (speaker with God) + Persian abstract suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical and modern Urdu philosophical poetry, especially Iqbal's works, it symbolizes transformative prophetic leadership and communion with the Divine.
उदाहरण
शबानी के सब्र से ही कलीमुल-लाही का मर्तबा हासिल होता है।
तूर की आग के बिना कलीमुल-लाही की मंज़िल तय नहीं होती।
समानार्थी
मूसावियतपैग़ंबरीनबुव्वत
संबंधित शब्द
कलीमुल्लाहशबानीतूरतजल्ली
