शब्दार्थ
कलीमी
kalīmī
hinoun, feminine
अर्थ
हज़रत मूसा (कलीम) का पैग़म्बराना काम, चमत्कार या रूतबा।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'कलीमी' से तात्पर्य हज़रत मूसा (कलीमुल्लाह) के रुतबे, चमत्कार और उनके पैग़म्बराना मिशन से है। इक़बाल के इस शेर में इसका भाव क्रांतिकारी या आध्यात्मिक सत्ता से है, जो यह स्पष्ट करता है कि ठोस शक्ति (असा/लाठी) के बिना केवल उपदेश या कलीमी व्यर्थ साबित होती है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'kalīm' (interlocutor, one who speaks) + Persian abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
Used classical and modern Urdu poetry as a talmīḥ (allusion) to Moses confronting tyrannical power and false magic.
उदाहरण
दौर-ए-हाज़िर में कलीमी का अमल दरकार है।
कलीमी और यद-ए-बैज़ा का ज़िक्र बज़्म में गूँज उठा।
समानार्थी
कलीमियतमूसाईपैग़म्बरी
संबंधित शब्द
कलीमकलीमुल्लाहअसातूर
