शब्दार्थ
करिए
kariye
अर्थ
कीजिए, करें अथवा किया जाए (आदरार्थी/संभावनार्थक क्रिया रूप)।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू कविता में 'करिए' क्रिया 'करना' का पुरातन या संभावनार्थक रूप है, जो आधुनिक भाषा में 'कीजिए' या 'किया जाए' के समतुल्य है। प्रस्तुत शेर में 'नक़्ल करिए' का तात्पर्य महबूब के नाज़ुक मुँह की तुलना या उसकी नक़ल करने के प्रयास से है। शायर कली को उपदेश देते हुए कहता है कि वह महबूब के मुँह की बराबरी करने की जुर्रत न करे।
व्युत्पत्ति
Sanskrit root 'kṛ' (कृ, to do) evolved through Prakrit 'kariai' into Braj Bhasha and Old Hindustani/Urdu precative forms ending in '-iye'.
प्रयोग
A characteristic feature of classical ghazal diction, often deployed rhetorically at the end of a line to pose an impossible question or convey polite counsel.
उदाहरण
हाल-ए-दिल किस से बयां करिए
क्या गिला उस बेवफ़ा का करिए
