शब्दार्थ
कभू
kabhū
hiAdverb
अर्थ
कभी, किसी समय (पुरातन काव्य रूप)।
विस्तार
यह शब्द 'कभी' का पुरातन एवं शास्त्रीय रूप है, जिसका अर्थ 'किसी समय' अथवा 'कदाचित' होता है। प्रस्तुत शेर में 'न देखा कभू' का प्रयोग 'कभी नहीं देखा' अर्थात पूर्ण अभाव के अर्थ में हुआ है। यह अशक्तता और बेबसी के दायरे की अनदेखी लाचारी को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'कदापि' (kadāpi) / Prakrit, transmitted via Old Hindi and Braj Bhasha into classical Rekhta.
प्रयोग
Widely favored by classical poets like Mir and Ghalib as a metrical alternative to the standard modern 'kabhī'.
उदाहरण
कभू तो उस का दिल भी पसीजेगा
न देखा कभू ऐसा आलम-ए-वीरानी
समानार्थी
कभीकदाचितकिसी वक़्त
संबंधित शब्द
कबजबतब
