शब्दार्थ
कब्क
kabk
hinoun
अर्थ
चकोर या तीतर, जो सुंदर चाल के लिए प्रसिद्ध है।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'कब्क' का अर्थ चकोर या तीतर है, जो अपनी आकर्षक और नाज़ुक चाल के लिए मशहूर है। इस शेर में यह 'कब्क-ए-दरी' (पहाड़ी चकोर) के रूप में आया है, जिसकी चाल महबूब की ख़ूबसूरत रफ़्तार के आगे मात खा जाती है। यह महबूब के क़दमो-नाज़ की श्रेष्ठता को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian (کبک), signifying the partridge or chukar.
प्रयोग
In the ghazal tradition, the kabk is a classic motif representing exquisite footwork and graceful walking (raftār or khirām), consistently outmatched by the beloved.
उदाहरण
कब्क की नाज़ुक रफ़्तार भी महबूब के आगे मात खा गई।
चमन में कब्क की ख़ुश-ख़िरामी का चर्चा आम है।
समानार्थी
चकोरतीतर
संबंधित शब्द
कब्क-ए-दरीख़िरामरफ़्तारचाल
