शब्दार्थ
कट
kat
hiverb
अर्थ
(समय या रात का) बीतना, गुज़रना या बसर होना।
विस्तार
उर्दू शायरी में इस क्रिया का प्रयोग विशेष रूप से विरह और दुख की लंबी रात के बीतने के संदर्भ में होता है। मीर के प्रस्तुत शे’र में इसका तात्पर्य उस एक और भारी रात के किसी प्रकार बीत जाने या समाप्त हो जाने से है। यह शब्द समय के असह्य और बोझिल होने का भाव दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit, derived from Sanskrit कृत् (kṛt, 'to cut'), developing into the intransitive/passive sense in Hindustani.
प्रयोग
In the classical ghazal, 'raat katna' is a standard trope denoting the slow and agonizing endurance of the night of separation (shab-e-hijr).
उदाहरण
जैसे-तैसे फ़िराक़ की रात कट गई।
तेरे बग़ैर एक घड़ी भी न कटी।
समानार्थी
बीतनागुज़रनाबसर होना
संबंधित शब्द
काटनाकटनाकटाव
