शब्दार्थ
कज-कुलाही
kaj-kulahi
hinoun, feminine
अर्थ
टोपी तिरछी पहनना; ठाठ-बाट, नवाबी शान, राजसी गर्व।
विस्तार
'कज-कुलाही' का शाब्दिक अर्थ टोपी या पगड़ी तिरछी पहनना है, जो राजसी ठाठ-बाट, गर्व और बांकपन का प्रतीक माना जाता है। इस शेर में इसका प्रयोग शान-ओ-शौकत और बादशाहत के तौर-तरीक़ों के संदर्भ में हुआ है, जहाँ गदा भी शायर की शागिर्दी में यह ऐंठ और आन-बान सीखते हैं। यह दरवेशी के भीतर छिपे आत्म-सम्मान और शाइराना दबदबे को बयां करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'kaj' (crooked/tilted) + 'kulāh' (cap/crown) + abstract suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, kaj-kulahi encapsulates both the haughty coyness of the beloved and the sovereign pride of the indigent dervish or poet.
उदाहरण
ग़रीबी में भी उसने अपनी कज-कुलाही न छोड़ी।
हुस्न की कज-कुलाही के सामने बड़े-बड़े तख़्त झुक गए।
समानार्थी
बांकपनशान-ओ-शौकतख़ुद-दारीनवाबी
संबंधित शब्द
कज-कुलाहकुलाहगदासर-कश
