शब्दार्थ

कोहल

kuhal

hinoun

अर्थ

सुरमा, अंजन या आँखों में लगाने का चूर्ण।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'कोहल' का अर्थ सुरमा अथवा अंजन होता है, जो नेत्र-सौंदर्य और दृष्टि बढ़ाने हेतु प्रयुक्त होता था। प्रस्तुत शे'र में 'कोहल-ए-जवाहर' एक बहुमूल्य औषधि-सुरमे का रूपक है, जिससे बादशाहों के क़दमों की धूल की तुलना की गई है। यह शब्द सत्ता के चरम गौरव और तत्पश्चात आँखों में सलाई फेर कर अंधा किए जाने के क्रूर पतन को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic كُحْل (kuḥl), denoting fine antimony powder or collyrium for the eyes.

प्रयोग

Commonly deployed in the ghazal tradition as a metaphor for deep reverence, where lovers apply the dust of the beloved's path to their eyes as collyrium.

उदाहरण

कोहल-ए-दीदा

ख़ाक-ए-दर को कोहल बनाना

समानार्थी

सुरमाअंजनकजरा

संबंधित शब्द

कोहल-ए-जवाहरसलाईख़ाक-ए-पादीदा
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