शब्दार्थ

क़हक़हा

qahqaha

hinoun

अर्थ

ज़ोर की हँसी, ठहाका।

विस्तार

क़हक़हा का अर्थ है ज़ोरदार और खुलकर लगाई जाने वाली हँसी अथवा ठहाका। प्रस्तुत शेर में 'वक़्त-ए-क़हक़हा' माशूक़ के उल्लासपूर्ण और खिलखिलाकर हँसने के क्षण को दर्शाता है। शायरी में यह कभी प्रिय की बेपरवाह ख़ुशी तो कभी ज़माने या तक़दीर के उपहास को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होता है।

व्युत्पत्ति

Arabic origin (قهقهة), from the onomatopoeic quadriliteral root q-h-q-h, mimicking the sound of deep or loud laughter.

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, 'क़हक़हा' is frequently contrasted with the soft subtlety of 'तबस्सुम' (smile) or used to depict dramatic, unreserved jubilation and bitter worldly ridicule.

उदाहरण

सूनी महफ़िल में एक क़हक़हा गूँज उठा।

उसके क़हक़हे ने ग़म के सब साए मिटा दिए।

समानार्थी

ठहाकाखिलखिलाहटख़ंदा

संबंधित शब्द

हँसीतबस्सुममुस्कान
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