शब्दार्थ

कोह-कनी

koh-kanī

hinoun

अर्थ

पहाड़ खोदना; प्रेम में कठिन श्रम या संघर्ष।

विस्तार

इसका शाब्दिक अर्थ पहाड़ काटना या खोदना है, जो शीरीं को पाने के लिए फ़रहाद द्वारा बिस्तून पर्वत काटने की दास्तान से जुड़ा है। शायरी में यह प्रेम की ख़ातिर की जाने वाली अत्यंत कठिन और असंभव जैसी परीक्षा का प्रतीक है। इस शे'र में यह फ़रहाद के हिस्से आई कठिन और अनोखी ज़िम्मेदारी को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound of 'kōh' (mountain) and 'kanī' (digging, from 'kandan', to dig or excavate).

प्रयोग

Commonly employed in Urdu poetry as an allusion (talmih) to Farhad to symbolize Herculean perseverance and true devotion in love.

उदाहरण

इश्क़ में कोह-कनी भी आसान मालूम होती है

ज़िंदगी अब कोह-कनी बन कर रह गई है

समानार्थी

संग-तराशीजफ़ा-कशीसख़्त-मेहनत

संबंधित शब्द

कोह-कनफ़रहादतीशाशीरीं
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