शब्दार्थ

कौसर

Kausar

hinoun

अर्थ

जन्नत की एक पवित्र नदी या अमृत-चश्मा।

विस्तार

इस्लामी परंपरा में कौसर स्वर्ग (जन्नत) की एक अत्यंत पवित्र और मधुर नदी अथवा जलाशय है। उर्दू शायरी में इसका उल्लेख प्रायः 'साक़ी-ए-कौसर' (हज़रत अली) के संदर्भ में रूहानी तृप्ति और ईश्वरीय कृपा के प्रतीक के रूप में होता है। प्रस्तुत शेर में यह उसी पावन अनुग्रह और आध्यात्मिक आशीर्वाद को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Arabic كَوْثَر (kawthar), from the root k-th-r denoting 'abundance' or 'copiousness'.

प्रयोग

In classical Urdu poetry, Kausar is either contrasted with worldly wine to subvert orthodoxy, or praised devotionally through the figure of Saqi-e-Kausar.

उदाहरण

पिला दे साक़ी-ए-कौसर वो जाम-ए-इरफ़ाँ भी

कौसर-ओ-ज़मज़म की तमन्ना किसे है मैख़ाने में

समानार्थी

हौज़-ए-कौसरचश्मा-ए-फ़िरदौसआब-ए-हयात

संबंधित शब्द

साक़ी-ए-कौसरहौज़-ए-कौसरआब-ए-कौसरतसनीम
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