शब्दार्थ

क़ुसूर

qusūr

hinoun

अर्थ

दोष, त्रुटि, भूल या कमी।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'क़ुसूर' का अर्थ दोष, भूल या किसी क्षमता का अभाव होता है। इस शे'र में यह समझ और बोध की कमी ('फ़हम का क़ुसूर') के अर्थ में आया है। शायर महबूब के अलौकिक सौंदर्य को न पहचान पाने की ज़िम्मेदारी किसी दुर्भावना पर नहीं, बल्कि अपनी ही समझ की कमी पर डालता है।

व्युत्पत्ति

Arabic root ق-ص-ر (q-ṣ-r), conveying the sense of falling short, deficiency, or failure.

प्रयोग

In the ghazal tradition, 'qusoor' is often invoked by the lover to humbly assume the blame for romantic failings or to question the beloved's perceived injustice.

उदाहरण

मेरी क़िस्मत का था सारा क़ुसूर

न था कोई क़ुसूर और दिल गया

समानार्थी

दोषख़ताग़लतीऐब

संबंधित शब्द

क़ुसूरवारतक़सीरबे-क़ुसूर
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