शब्दार्थ

कैसा

kaisā

hipronoun

अर्थ

किस प्रकार का, कैसा; इनकार या अविश्वास सूचक।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'कैसा' का प्रयोग सवालिया लहज़े के साथ-साथ इनकार और ताज्जुब व्यक्त करने के लिए होता है। प्रस्तुत शे'र में यह 'इस्तिफ़हाम-ए-इन्कारी' के रूप में आया है, जिसका अर्थ है कि जब एक हर्फ़ तक मयस्सर नहीं, तो फिर ख़त और पैग़ाम का सवाल ही कहाँ उठता है। यह महबूब की बेरुख़ी पर शायर की बेबसी और तंज़ को उजागर करता है।

व्युत्पत्ति

Inherited from Prakrit 'kaïsaö', ultimately derived from Sanskrit 'kīdṛśa' (of what kind).

प्रयोग

In the ghazal tradition, it is frequently employed in rhetorical questions to emphasize impossibility or utter negation rather than genuine inquiry.

उदाहरण

कैसा दिल और कैसी तसल्ली

कैसा शिकवा कैसा गिला

समानार्थी

किस तरह काकिस क़िस्म काकिस प्रकार का

संबंधित शब्द

जैसावैसाकैसेकैसी
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