शब्दार्थ

क़िल्क़

qilq

hinoun

अर्थ

बेचैनी, दुख, रंज, अफ़सोस या व्यग्रता।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में यह शब्द मन की तीव्र बेचैनी, दुख और आंतरिक संताप को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह व्याकुलता और कमज़ोरी के साथ मिलकर आशिक़ पर टूटने वाली विपत्तियों में से एक है। यह हृदय में निरंतर चुभने वाले रंज और अफ़सोस की पीड़ादायक अवस्था को स्पष्ट करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic (قلق - qalaq), meaning disquietude, agitation, or uneasiness.

प्रयोग

In the ghazal tradition, it is frequently coupled with iztirāb to dramatize the acute emotional anguish of separation.

उदाहरण

क़लक़-ए-दिल का कोई मुदावा न हुआ

रात भर क़लक़-ओ-इज़तिराब में कटे

समानार्थी

बेचैनीरंजअफ़सोसव्यग्रता

संबंधित शब्द

इज़तिराबआज़ारमलालज़ोफ़
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