शब्दार्थ
क़रार-फ़रेब
qarār-fareb
hiadjective
अर्थ
वादों में धोखा देने वाला या झूठा दिलासा देने वाला।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'क़रार-फ़रेब' का अर्थ है ऐसा व्यक्ति या बात जो वादे या सुकून का दिखावा करके धोखा दे। प्रस्तुत शेर में यह माशूक़ के उन वादों और वचनों के लिए प्रयुक्त हुआ है जो मन को झूठा ढांढस बंधाते हैं लेकिन वास्तव में छल होते हैं। यह शब्द प्रेमी को मिलने वाले विश्वासघात और धोखे की पीड़ा को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Compound formed from Arabic 'qarār' (rest, stability, pledge) and Persian 'farēb' (deceit, trickery).
प्रयोग
In the ghazal tradition, this epithet is used to lament the treacherous promises of the beloved or the illusory peace of worldly life.
उदाहरण
क़रार-फ़रेब वादों का सिलसिला
उसका हर क़ौल क़रार-फ़रेब निकला
समानार्थी
दग़ाबाज़फ़रेबीवादा-ख़िलाफ़मक्कार
संबंधित शब्द
यार-फ़रेबक़रारफ़रेबअहद-शिकन
