शब्दार्थ
क़रार
qarār
hinoun, masculine
अर्थ
सुकून, चैन, शांति, स्थिरता या इत्मीनान।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'क़रार' का आशय दिल और मन के सुकून, चैन और स्थिरता से होता है। इस शे'र में यह दिल के गुज़रे ज़माने के उस चैन और धीरज को दर्शाता है, जिसके छिन जाने के बाद चेहरे का नूर भी खो गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic root q-r-r, carrying meanings of settling, remaining still, or resting firmly.
प्रयोग
A central motif in ghazal poetry, 'qarār' is commonly invoked as an elusive or lost state of the lover's wounded heart.
उदाहरण
क़रार-ए-जाँ
दिल को क़रार न आना
समानार्थी
सुकूनचैनआरामइत्मीनान
संबंधित शब्द
बे-क़रारबे-क़रारीबा-क़रार
