शब्दार्थ
कोर-निगाही
kor-nigāhī
hinoun
अर्थ
दृष्टिहीनता, आंतरिक अंधता अथवा आध्यात्मिक या बौद्धिक अंधापन।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ दृष्टि का अंधापन है, लेकिन काव्यात्मक संदर्भ में यह आंतरिक दृष्टि अथवा आध्यात्मिक समझ की कमी को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह मनुष्य की उस पुरानी आंतरिक अज्ञानता की ओर संकेत करता है जिसके कारण रहस्य प्रकट होने पर भी वह सच को देख नहीं पाता।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'kor' (blind) and 'nigāh' (sight, gaze), followed by the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical and modern philosophical Urdu poetry, it is frequently employed to critique materialistic thinkers or ignorant observers who lack mystical insight.
उदाहरण
मरज़-ए-कोर-निगाही का मुदावा न हुआ
कोर-निगाही ने तजल्ली को भी ओझल रक्खा
समानार्थी
कोताह-बीनीनाबीनाईकम-नज़री
संबंधित शब्द
कोर-दिलकोर-बातिननिगाहबसीरत
