शब्दार्थ
क्यूँके
kyunke
hiadverb
अर्थ
कैसे, किस तरह, या किस प्रकार।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'क्यूँके' का प्रयोग प्रायः 'क्यूँकर' (कैसे या किस तरह) के अर्थ में प्रश्नवाचक रूप से होता है। इस शेर में यह असंभवता दर्शाने के लिए आया है कि हुस्न के दरिया के सामने एक फ़कीर की प्रीत का दावा भला कैसे सच्चा ठहर सकता है। यह प्रेमी की बेबसी और विस्मय को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Hindustani compound of 'kyūn' (why) and the particle 'ke', historically synonymous with 'kyūnkar'.
प्रयोग
In classical poetry, it is primarily used as an interrogative expressing disbelief or rhetorical impossibility rather than a causal conjunction.
उदाहरण
दिल क्यूँके चैन पाए इस बे-कसी के बा'द।
क्यूँके बयाँ हो शौक़ की बे-इंतिहा दास्ताँ।
समानार्थी
क्यूँकरकैसेकिस तरह
संबंधित शब्द
क्यूँक्यूँकरकिधर
