शब्दार्थ
कुमरी
qumrī
hinoun
अर्थ
फ़ाख़्ता या पंडुक, विरह का प्रतीक एक पक्षी।
विस्तार
कुमरी से आशय फ़ाख़्ता या पंडुक नामक पक्षी से है, जो अपनी ख़ाकस्तरी रंगत और उदास कूक के लिए जाना जाता है। शास्त्रीय शायरी में इसे अक्सर सरो के दरख़्त का वफ़ादार आशिक़ माना जाता है। इस शे'र में 'बैज़ा-ए-कुमरी' (फ़ाख़्ता के अंडे) का उल्लेख दाने के बदले निष्फल, ख़ाली और राख जैसे परिणाम को दर्शाने के लिए हुआ है।
व्युत्पत्ति
Arabic root q-m-r (qumrī), referring to a turtle-dove, named after its ash-grey color.
प्रयोग
In the ghazal tradition, the qumri often figures alongside the cypress tree as an emblem of enduring, melancholy love.
उदाहरण
सहर के वक़्त कुमरी का नाला।
सरो की शाख़ पर कुमरी का बसेरा।
समानार्थी
फ़ाख़्तापंडुक
संबंधित शब्द
बैज़ा-ए-कुमरीसरोअंदलीबबुलबुल
