शब्दार्थ
क़मर
qamar
hinoun, masculine
अर्थ
चाँद, चंद्रमा, महताब।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'क़मर' का अर्थ चंद्रमा या चाँद है, जिसे रूप और नूर की मिसाल माना जाता है। इस शे'र में यह 'शम्स-ओ-क़मर' (सूर्य और चंद्रमा) की तरकीब में आया है, जहाँ यह ज़ाहिर किया गया है कि माशूक़ के चेहरे की चमक के आगे इन दोनों की रौशनी भी फीकी पड़ जाती है।
व्युत्पत्ति
Arabic (قمر), meaning the moon.
प्रयोग
Commonly paired with 'shams' (sun) in Persianate idioms or contrasted with the superior radiance of the beloved's countenance.
उदाहरण
शम्स-ओ-क़मर भी तेरे नूर के आगे मांद हैं
रुख़-ए-रौशन के मुक़ाबिल क़मर कुछ भी नहीं
समानार्थी
चाँदमाहताबचंद्रमा
संबंधित शब्द
शम्सनूरशबज़िया
