शब्दार्थ
क़ीमा
qīmā
hinoun
अर्थ
बारीक कटा हुआ मांस; टुकड़े-टुकड़े किया हुआ।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ बारीक कटा हुआ गोश्त होता है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह दिल या जिगर को अत्यंत दुख व विरह में टुकड़े-टुकड़े कर देने के रूपक के तौर पर आता है। मीर के इस शे’र में यह अपने जिगर को पीड़ा से बिल्कुल चूर-चूर कर देने की अवस्था को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
From Turkic (Chagatai/Ottoman qıyma, meaning minced meat), borrowed into Persian and Urdu.
प्रयोग
In classical ghazals, 'qīmā karnā' is used hyperbolically to depict violent emotional fragmentation and grief rending the heart.
उदाहरण
ग़म-ए-हिज्र में जिगर का क़ीमा हो जाना
यूँ क़ीमा किया दिल को कि कोई टुकड़ा न बचा
समानार्थी
रेज़ा-रेज़ाटुकड़े-टुकड़ेपारह-पारह
संबंधित शब्द
लख़्त-ए-जिगरजिगरज़ख़्म
