शब्दार्थ
किबरिया
kibriya
hinoun
अर्थ
दिव्य बड़प्पन, ईश्वरीय महानता या प्रताप।
विस्तार
शास्त्रीय और सूफ़ी काव्य में 'किबरिया' का अर्थ परम श्रेष्ठता, ईश्वरीय गरिमा और अद्वितीय प्रताप है। इक़बाल के इस शेर में 'मक़ाम-ए-किबरिया' का तात्पर्य उस दिव्य पद और आध्यात्मिक महानता से है जो ईश्वर की सत्ता से जुड़ी है। यह सांसारिक अहंकार के विपरीत सच्चे ईश्वरीय वैभव की पहचान को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (کبریاء, kibriyā’), derived from the root k-b-r (ک-ب-ر), relating to greatness or magnitude.
प्रयोग
Frequently used in Urdu poetry to invoke God Himself (as 'Zaat-e-Kibriya') or to denote absolute, untainted majesty.
उदाहरण
ज़ात-ए-किबरिया के हुज़ूर हर सर ख़म है।
मक़ाम-ए-किबरिया तक किसी ख़ाकी की रसाई नहीं।
समानार्थी
अज़्मतजलालबुज़ुर्गीशान
संबंधित शब्द
किब्रतकब्बुरकबीरअकबर
