शब्दार्थ
काबिल
Qābil
अर्थ
योग्य, लायक़, समर्थ या किसी बात का पात्र।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'क़ाबिल' का अर्थ सामर्थ्य, योग्यता या किसी बात के लायक़ होना है, जो अक्सर इज़ाफ़त के साथ 'योग्य' के अर्थ में आता है। प्रस्तुत शेर में यह 'क़ाबिल-ए-सैर' (देखने या घूमने योग्य) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जिसका तात्पर्य है कि ख़ानक़ाह की उदासी भी एक दर्शनीय तमाशा थी। यह सूफ़ी ख़ानक़ाह के वैराग्य और सनमकदे की तवज्जो के बीच का फ़र्क़ उभारता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, from the triconsonantal root q-b-l (ق-ب-ل), meaning to receive, accept, or face; borrowed through Persian into Urdu.
प्रयोग
In the ghazal tradition, it is frequently combined via izafat with verbal nouns (e.g., qabil-e-rahm, qabil-e-deed) to poeticize worthiness or tragedy.
उदाहरण
क़ाबिल-ए-दीद (देखने लायक़)
क़ाबिल-ए-तारीफ़ (प्रशंसा के योग्य)
