शब्दार्थ
क़बाई
qaba'i
hinoun
अर्थ
क़बा (अंगरखा या चोला) पहनने की अवस्था या ढंग।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'क़बाई' से आशय अंगरखा या चोला (क़बा) धारण करने के अंदाज़ अथवा उसके पहनावे से है। यहाँ यह 'तंग-क़बाई' के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जिसका अर्थ महबूब के चुस्त लिबास से है जो उसके नाज़ुक बदन को उभारता है। महबूब के इस कसाव के सम्मुख कली (ग़ुंचा) भी लज्जित होकर सिमट जाती है।
व्युत्पत्ति
Persian, derived from the Arabic noun 'qabā' (a tunic or robe) with the Persian suffix '-ī'.
प्रयोग
In ghazal poetry, it is most frequently encountered in the compound 'tang-qabā'ī' to praise the beloved's slender waist and shapely attire.
उदाहरण
हुस्न-ए-तंग-क़बाई
यार की नाज़ुक क़बाई
समानार्थी
जामा-ज़ेबीलिबास-पोशी
संबंधित शब्द
क़बातंग-क़बाईपैरहनजामा
