शब्दार्थ
क़ाबू
qābū
hinoun
अर्थ
नियंत्रण, वश, अधिकार, पकड़ या इख़्तियार।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'क़ाबू' का अर्थ नियंत्रण, वश या किसी पर पूरा अधिकार होना है। इस शे'र में यह पतझड़ और निर्बलता के उस शिकंजे को दर्शाता है जिसने आशिक़ को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह प्रायः इश्क़ और तक़दीर के सामने इंसान की बेबसी को उभारने के लिए प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Turkic origin, borrowed into Urdu through Persian.
प्रयोग
In ghazal poetry, it is most often used negatively to depict the lover's inability to restrain tears, grief, or the wayward heart.
उदाहरण
दिल पर क़ाबू न रहा
हाल-ए-दिल क़ाबू से बाहर हो गया
समानार्थी
वशबसनियंत्रणइख़्तियार
संबंधित शब्द
बेक़ाबूइख़्तियारक़ब्ज़ा
