शब्दार्थ

काँप

kaanp

hiverb

अर्थ

डर, ठंड या विस्मय से थरथराना या सिहर उठना।

विस्तार

इस शे'र में 'काँप' (काँप जाना) गहरे रूहानी प्रभाव और श्रद्धा-मिश्रित भय से लरजने के अर्थ में आया है। यह बयाँ करता है कि अतीत के मुकद्दस सजदों में ऐसी पुरअसर तासीर थी कि ज़मीन की रूह तक सिहर उठती थी।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit 'कम्प' (kampa / kampate, meaning to tremble or vibrate), via Prakrit into modern Indo-Aryan.

प्रयोग

In classical poetry, this verb is frequently used metaphorically to express the shuddering of the heart under intense love, dread, or sublime awe.

उदाहरण

काँप उठती है ज़मीं उनके जलाल-ए-हुस्न से

ख़ौफ़-ए-फ़ुर्क़त से मिरा सारा बदन काँप गया

समानार्थी

थरथरानासिहरनालर्ज़ना

संबंधित शब्द

काँपनाकंपनकँपकँपी
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