शब्दार्थ
कुन-फ़यकूँ
kun-fa-yakun
hiphrase
अर्थ
हो जा और वह हो जाता है; ईश्वरीय सृजन-आदेश।
विस्तार
यह एक प्रसिद्ध क़ुरआनी सूक्ति है, जिसका अर्थ है ईश्वर का वह आदेश जिससे सृष्टि अस्तित्व में आती है। इस शेर में यह इस विचार को दर्शाता है कि ब्रह्मांड की रचना समाप्त नहीं हुई है, बल्कि लगातार जारी है। यह सृष्टि के निरंतर विकास और चेतना का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Arabic (كُنْ فَيَكُونُ, kun fa-yakūn), composed of the imperative verb 'kun' (be) and 'fa-yakūn' (and it becomes).
प्रयोग
Commonly employed in Sufi, philosophical, and metaphysical Urdu poetry to evoke divine omnipotence and primordial creation.
उदाहरण
सदा-ए-कुन-फ़यकूँ से हर ज़र्रे में जान आई
हुक्म-ए-कुन-फ़यकूँ से दोनों जहाँ वजूद में आए
समानार्थी
अम्र-ए-रब्बीहुक्म-ए-इलाहीसदा-ए-कुन
संबंधित शब्द
काएनाततख़्लीक़आफ़रीनीशकुन
