शब्दार्थ

क़नाअत

Qanaa'at

hinoun, feminine

अर्थ

संतोष, तृप्ति, जो मिले उसी पर निर्वाह करना।

विस्तार

इसका सामान्य अर्थ जो कुछ प्राप्त हो उसी में संतुष्ट होकर रहना है। प्रस्तुत शेर में इसे निष्क्रियता और सीमित दायरे में ठहर जाने की चेतावनी के तौर पर बरता गया है। यहाँ शायर भौतिक संसार (रंग-ओ-बू) पर ही रुक जाने के बजाय आगे की अनंत संभावनाओं की तलाश करने की ताकीद करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic, derived from the triconsonantal root q-n-ʿ (ق-ن-ع), signifying satisfaction with a modest portion.

प्रयोग

While classical Sufi poetry celebrates qana'at as spiritual independence from worldly desire, modern Urdu poetry, especially Iqbal's, often warns against it when it signifies a lack of ambition.

उदाहरण

क़नाअत की दौलत कभी ख़त्म नहीं होती।

क़नाअत को अपनी सुस्ती का सबब न बना।

समानार्थी

संतोषतसल्लीसबर

संबंधित शब्द

क़ानीइस्तिग़नातवक्कुल
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