शब्दार्थ
कुन
Kun
hinoun
अर्थ
ईश्वरीय आदेश 'हो जा'; सृष्टि का मूल सृजन-शब्द।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी और सूफ़ी विमर्श में 'कुन' ईश्वर का वह आदि-आदेश है जिससे सारी कायनात अस्तित्व में आई ('हो जा')। इस शे'र में 'हर्फ़-ए-कुन' उसी परम सृजनात्मक हुक्म का प्रतीक है जो महबूब के क़यामत-ख़ेज़ जलवे और फ़रियादियों की पुकार से जुड़ा है। यह पूर्ण दैवीय सामर्थ्य और जीवन की शुरुआत को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, imperative singular form of the root k-w-n (verb kāna, 'to be'), from the Quranic phrase 'Kun fa-yakūn'.
प्रयोग
Frequently invoked in Sufistic and classical ghazals as an emblem of cosmic creation, divine will, or the supreme power of the beloved.
उदाहरण
हर्फ़-ए-कुन से हुई है ये दुनिया बपा
कुन के इशारे से सारा आलम वजूद में आया
समानार्थी
अम्र-ए-इलाहीफ़रमानहुक्म-ए-रब्बानी
संबंधित शब्द
कुन-फ़यकूनकाफ़-ओ-नूनतख़्लीक़आलम-ए-कुन
