शब्दार्थ

कानों

kānōñ

hinoun (masculine, oblique plura

अर्थ

कानों (श्रवणेंद्रिय का बहुवचन/तिर्यक रूप)

विस्तार

यह शब्द कान (श्रवण अंग) का बहुवचन या तिर्यक रूप है। इस शेर में यह 'गुलों के न कानों तलक' के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जिसका अर्थ है कि प्रेमी की फ़रियाद या विलाप महबूब (फूलों) के सुनने तक भी नहीं पहुँच सकी।

व्युत्पत्ति

Sanskrit कर्ण (karṇa) -> Prakrit कण्ण (kaṇṇa) -> Hindi/Urdu कान (kān).

प्रयोग

In ghazal poetry, 'kān' or its Persian counterpart 'gōsh' frequently appears in contexts of unheard laments (fughāñ) or heedless beloveds.

उदाहरण

पहुँची न उस के कानों तक मेरी सदा

कानों में रस घोलती हुई आवाज़

समानार्थी

गोशश्रवण

संबंधित शब्द

कानगोशसमाअतसुनना
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