शब्दार्थ

कान

kaan

hinoun, masculine

अर्थ

सुनने का अंग, श्रवणेंद्रिय।

विस्तार

शाब्दिक अर्थ में यह सुनने का शारीरिक अंग (कर्ण) है। प्रस्तुत शेर में यह मुंशी या कातिब के कान के ऊपर क़लम टिकाकर घर से रोज़गार के लिए निकलने के यथार्थवादी अंदाज़ को दर्शाता है। शायरी में इसका प्रयोग ध्यान देने अथवा अनसुना करने के मुहावरों में भी खूब होता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit कर्ण (karṇa) > Prakrit कण्ण (kaṇṇa) > Hindi/Urdu कान (kaan).

प्रयोग

In classical Urdu poetry, it frequently appears in idioms like 'kaan dharnaa' (to pay heed) or in physical sketches of street clerks and scribes.

उदाहरण

कान पर रख कर क़लम

फ़रियाद पर कान धरना

समानार्थी

कर्णगोशश्रवण

संबंधित शब्द

क़लमसुननाआवाज़
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