शब्दार्थ

कोताही

kotāhī

hinoun, feminine

अर्थ

कमी, त्रुटि, कसर, या नाकाफ़ी होना।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'कोताही' का अर्थ कमी, कसर, संक्षिप्तता या किसी गुण का पूरा न होना है। ग़ालिब के इस शे'र में यह विकास और वृद्धि की कमी (कोताही-ए-नश्व-ओ-नुमा) के संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है। आम तौर पर यह मानवीय प्रयास, वफ़ा या तल्क़ीन में रह जाने वाली त्रुटि को भी दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Persian 'kotāh' (short, deficient) + abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

Frequently deployed in the ghazal to lament the inadequacy of human reach, the brevity of life, or a lover's failure to fulfill devotion.

उदाहरण

कोताही-ए-दामन

कोताही-ए-उम्र

समानार्थी

कमीनुक़्सक़ुसूरफ़रोगुज़ाश्त

संबंधित शब्द

कोताहकोताह-क़दकोताह-दस्ती
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