शब्दार्थ
क़ातिल-पसंद
qātil-pasand
hiadjective
अर्थ
क़ातिल या माशूक़ को पसंद आने वाला।
विस्तार
यह शब्द उस भाव या कृत्य को दर्शाता है जो क़ातिल (माशूक़) को भा जाए या पसंद आए। प्रस्तुत शेर में घायल आशिक़ के बहते ख़ून की रवानी से यह ज़ाहिर होता है कि क़ातिल का बेपरवाह होकर चले जाना भी मंज़ूर और दिलकश लगा। यह ग़ज़ल की उस रिवायत को बयान करता है जहाँ आशिक़ अपने क़ातिल की बेरुख़ी और ज़ुल्म में भी लुत्फ़ पाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'qātil' (slayer/killer) combined with Persian 'pasand' (root of pasandīdan, meaning approved or pleasing).
प्रयोग
Used in classical ghazal poetry to epitomize the lover's unconditional surrender and delight in the cruel beloved's satisfaction.
उदाहरण
हर अदा उसकी क़ातिल-पसंद ठहरी।
बिस्मिल का तड़पना भी क़ातिल-पसंद निकला।
समानार्थी
माशूक़-पसंददिलपसंदमक़बूल-ए-क़ातिल
संबंधित शब्द
बिस्मिलक़ातिलशौक़-ए-क़त्लख़ून-ए-बिस्मिल
