शब्दार्थ

कुढ़ना

kuṛhnā

hiverb

अर्थ

मन-ही-मन घुटते रहना, रंज करना या तड़पना।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'कुढ़ना' का अर्थ भीतर ही भीतर दुःख से घुलना, झींकना या रंज सहना है। मीर के इस शे’र में यह 'रोना' के साथ मिलकर निरंतर शोक और पीड़ा में डूबे रहने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। यहाँ शायर ख़ुद को हर विपत्ति पर हर समय रोने और कुढ़ते रहने के बजाय सब्र और धैर्य धारण करने की नसीहत देता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit क्वथति (kvathati, 'to boil, stew, ferment'), through Prakrit into Hindustani.

प्रयोग

In the ghazal tradition, it frequently collocates with external lamentation ('rona') to represent internal torment.

उदाहरण

हिज्र की तन्हाई में यूँ दिन-रात कुढ़ना अच्छा नहीं।

कुढ़ने से कुछ न मिला, बस दिल ही बेकरार रहा।

समानार्थी

घुलनाझुँझलानातड़पनारंज करना

संबंधित शब्द

कुढ़नरोना-धोनासोज़ग़म
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