शब्दार्थ
क़ाज़ी
qāzī
hinoun
अर्थ
इस्लामी न्यायाधीश, शरई मुंसिफ़।
विस्तार
क़ाज़ी इस्लामी शरीअत के अनुसार न्याय करने वाले न्यायाधीश को कहते हैं। शास्त्रीय उर्दू शायरी में क़ाज़ी को अक्सर बाह्य धर्मपरायणता और कट्टरता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इस शेर में शराब की सुराही के मुँह पर लगी रुई की तुलना क़ाज़ी की सफ़ेद दाढ़ी से करके गहरा व्यंग्य किया गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic qāḍī (قَاضِي), active participle of the root q-ḍ-y (قضى), meaning to judge, execute, or decide.
प्रयोग
In the ghazal, the Qazi frequently serves alongside the Sheikh and Waiz as an object of satire, representing dry legalism against authentic spiritual or romantic intoxication.
उदाहरण
क़ाज़ी का हुक्म रिंदों के मयख़ाने में नहीं चलता।
इश्क़ के फ़ैसले में क़ाज़ी की किताब बेअसर रही।
समानार्थी
मुंसिफ़न्यायाधीशहाकिम
संबंधित शब्द
मुफ़्तीशरीअतफ़तवाअदालत
