शब्दार्थ
कूका
kooka
hiverb
अर्थ
चीखा, दर्द से विलाप किया या आर्तनाद किया।
विस्तार
उर्दू और हिन्दवी शायरी में 'कूका' क्रिया 'कूकना' का भूतकालिक रूप है, जिसका अर्थ दर्द से चीख उठना या विलाप करना है। इस शेर में यह आशिक़ के माशूक़ की गली में रात भर दर्द भरी चीखें मारने और रो-रोकर फ़रियाद करने की ओर संकेत करता है।
व्युत्पत्ति
Derived from the Indo-Aryan/Sanskrit onomatopoeic root कूज् (kūj, to cry or emit a high-pitched sound), adapted into Hindustani.
प्रयोग
Used in classical ghazal to convey the high-pitched, piercing lamentations (naala o faryaad) of an agonizing lover.
उदाहरण
रात भर आशिक़ दर-ए-यार पर कूका।
दिल की तड़प से वो बे-अख़्तियार कूका।
समानार्थी
चीखाचिल्लायारोयाकराह उठा
संबंधित शब्द
कूककूकनानालाफ़रियाद
