शब्दार्थ
काएनात
kā'ināt
hinoun
अर्थ
संसार, सृष्टि, ब्रह्मांड या समस्त विश्व।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू काव्य में 'काएनात' से आशय समग्र सृष्टि, ब्रह्मांड या अस्तित्व में मौजूद हर वस्तु से है। प्रस्तुत शे'र में यह भौतिक विश्व का बोध कराता है जिसका प्रत्येक सूक्ष्म कण ईश्वर का प्रमाण प्रस्तुत करता है। यह शब्द व्यापक ब्रह्मांडीय व्यवस्था और आध्यात्मिक सत्य के संबंध को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic kā'ināt (كَائِنَات), the feminine sound plural of kā'inah (created thing/being), from the root k-w-n (to be, exist).
प्रयोग
Commonly employed in philosophical and mystic verses to evoke the macrocosm in contrast to the microscopic individual or heart.
उदाहरण
हुस्न-ए-काएनात
काएनात का हर ज़र्रा
समानार्थी
जहानआलमसृष्टिदुनिया
संबंधित शब्द
कुनकौनेनवजूदज़र्रा
