शब्दार्थ
कीं
kīn
hinoun
अर्थ
द्वेष, शत्रुता, वैर, या कपट।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'कीं' का अर्थ द्वेष, बैर या रंजिश है, जो प्रायः 'कीना' का काव्यात्मक रूप है। प्रस्तुत शे'र में यह 'महर' (कृपा व प्रेम) के विलोम के रूप में आया है, जहाँ आशिक़ कहता है कि अगर महबूब के दिल में मुहब्बत नहीं, तो काश कम से कम दुश्मनी या रंजिश ही होती। यह उपेक्षा के मुक़ाबले रंजिश को तरजीह देने की काव्यात्मक परंपरा को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian کین (kīn), signifying malice, grudge, or rancour; cognate with کینہ (kīna).
प्रयोग
In ghazal poetics, 'kīn' is frequently juxtaposed with 'mehr' (kindness/love) to contrast the beloved's alternating states of favor and hostility.
उदाहरण
दिल में उस के न कीं था न कपट
महर-ओ-कीं का फ़साना
समानार्थी
बग़्ज़अदावतरंजिशवैर
संबंधित शब्द
कीनाकीना-वरमहर
