शब्दार्थ

कू

koo

hiadverb

अर्थ

कहाँ; किधर (संदेहात्मक या प्रश्नवाचक भाव)।

विस्तार

फ़ारसी व्याकरण और शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'कू' (کو) का अर्थ 'कहाँ' या 'किधर' होता है। ग़ालिब के इस शे'र में यह लाचारी और अनस्तित्व को दर्शाने के लिए आया है, जहाँ पूछा गया है कि शम्अ के पास स्थिरता का पाँव कहाँ है।

व्युत्पत्ति

Persian (کو, derived from Middle Persian kū / kūy meaning 'where').

प्रयोग

Often used in classical ghazals with Persianized phrasing to convey an emphatic rhetorical negative implying 'nowhere to be found'.

उदाहरण

कू पा-ए-सबात

कू यार ओ कू दयार

समानार्थी

कहाँकुजाकिधर

संबंधित शब्द

कू-ब-कूकुजाकहाँ
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