शब्दार्थ

ओक

ok

hinoun

अर्थ

दोनों हाथों की हथेलियाँ मिलाकर बनाया गया गड्ढा; अंजलि।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'ओक' का अर्थ दोनों हथेलियों को मिलाकर बनाया गया पात्र या अंजलि है, जिससे पानी या मदिरा पी जाती है। प्रस्तुत शे'र में आशिक़ साक़ी से कहता है कि यदि वह प्याला नहीं देना चाहता, तो कम से कम अपनी या आशिक़ की अंजलि से ही शराब पिला दे। यह शब्द प्रेमी की अत्यधिक तड़प और नम्रता को दर्शाता है जहाँ वह किसी भी हाल में मदिरा पाने को आतुर है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit 'ulka' / Prakrit 'okka' or related Deshya roots denoting a hollowed palm or draught.

प्रयोग

In ghazal poetry, 'ok' is frequently contrasted with the formal goblet (piyala/jam) to emphasize the lover's desperation and disregard for social convention.

उदाहरण

पिला दे ओक से साक़ी अगर पैमाना नहीं

ओक लगाकर चश्मे से ठंडा पानी पीना

समानार्थी

अंजलिचुल्लूहथेली

संबंधित शब्द

साक़ीप्यालाशराबपैमाना
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